भीषण गर्मी के बीच भोपाल में गहराया जल संकट, 15 दिनों में 14वीं बार फूटी पाइपलाइन

NEWS SAGA DESK

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भीषण गर्मी के बीच जल और बिजली संकट ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। शहर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जबकि कई इलाकों में रात के समय लगातार बिजली कटौती और पानी की आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

शुक्रवार को करोंद क्षेत्र में कोलार जल प्रदाय की मुख्य पाइपलाइन एक बार फिर फूट गई, जिससे करीब एक लाख लोगों की जलापूर्ति प्रभावित हुई। इससे एक दिन पहले गुरुवार सुबह करोंद चौराहे के पास मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान खुदाई करते समय पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके कारण पुराने भोपाल के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई ठप हो गई। पिछले 15 दिनों में मेट्रो और एनएचएआई की खुदाई के दौरान यह 14वीं बार पाइपलाइन टूटने की घटना बताई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग शुक्रवार दोपहर करोंद क्षेत्र पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम, जिला प्रशासन, मेट्रो कॉरपोरेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को लापरवाही पर फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर समन्वय आवश्यक है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

नगर निगम के अनुसार, बैरसिया रोड स्थित आरिफ नगर क्षेत्र में मेट्रो निर्माण के दौरान कोलार फीडर की 400 मिलीमीटर व्यास वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते एलआईजी, नारियलखेड़ा, चौकसे नगर, जेपी नगर, आरिफ नगर, डीआईजी चौराहा, रेशम केंद्र और टीला जमालपुरा समेत कई इलाकों की जलापूर्ति प्रभावित हुई है।

नगर निगम ने बताया कि निर्माण एजेंसियों को पहले से पाइपलाइन और सीवर लाइन शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर बिना शिफ्टिंग के ही खुदाई की जा रही है। इससे बार-बार पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और जल संकट की स्थिति पैदा हो रही है।

वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अयोध्या बायपास परियोजना के तहत भी पिछले 15 दिनों में कई बार पाइपलाइन टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। नगर निगम ने मेट्रो प्रबंधन को नोटिस जारी करने और आर्थिक दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।

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