News Saga Desk
नई दिल्ली: 1 जून से रसोई गैस (LPG) से जुड़े नियमों और कीमतों में कई बड़े बदलाव किये जाएंगे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा जारी इन नए नियमों का सीधा असर आम जनता के बजट, गैस कनेक्शन और डिलीवरी व्यवस्था पर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं इन 4 मुख्य बदलावों के बारे में।
एक घर, एक कनेक्शन: PNG वाले घरों पर बढ़ी सख्ती सरकार ने ‘एक घर, एक कनेक्शन’ नीति के तहत उन घरों पर सख्ती शुरू कर दी है जहाँ पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा मौजूद है।
सरेंडर करना होगा सिलेंडर: नए नियमों के अनुसार, यदि आपके घर में PNG लाइन चालू है, तो आपको अपना पुराना एलपीजी (LPG) कनेक्शन और सिलेंडर सरेंडर करना पड़ सकता है।
OTP आधारित डिलीवरी हुई अनिवार्य: गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग, चोरी और डिलीवरी में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अब गैस सिलेंडर लेते समय उपभोक्ताओं को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया वन-टाइम पासवर्ड (OTP) डिलीवरी बॉय को देना अनिवार्य होगा। वेरिफिकेशन सफल होने पर ही सिलेंडर सौंपा जाएगा।
रिफिल बुकिंग के ‘टाइम गैप’ में बदलाव: कंपनियों ने गैस सिलेंडरों की बुकिंग और दोबारा रिफिलिंग (Refilling) कराने के बीच की न्यूनतम समय सीमा को बढ़ा दिया है। इस कदम का उद्देश्य गैस की जमाखोरी को रोकना और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है . 1 जून की सुबह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों के नए रेट जारी कर दिए जाएंगे।
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