CBSE ने बुधवार दोपहर आखिरकार 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया। हालांकि इस बार रिजल्ट जारी होने में हुई देरी और अपेक्षा से कम प्रदर्शन को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी वजह बोर्ड द्वारा इस वर्ष लागू की गई नई ऑनलाइन ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली रही।
देर रात तक चला मूल्यांकन कार्य
कई मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों को देर रात तक बैठकर कॉपियों की जांच करनी पड़ी। परीक्षकों का कहना है कि उन्हें 12 मई सुबह 10 बजे तक हर हाल में अंक पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कॉपियों की अधिक संख्या और कई विषयों के शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से मंगलवार देर शाम तक भी परिणाम जारी नहीं हो पाया। हालांकि सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर सोमवार रात से ही “Result Coming Soon” का संदेश दिखाई देने लगा था, जिससे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की बेचैनी लगातार बढ़ती रही।
12वीं रिजल्ट 2026: छात्राओं ने फिर मारी बाजी
सीबीएसई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 15,07,109 विद्यार्थी सफल हुए हैं। पिछले वर्ष यह संख्या 14,96,307 थी।
- छात्राओं का पास प्रतिशत: 88.86%
- छात्रों का पास प्रतिशत: 82.13%
- छात्राओं ने 6.73% के अंतर से बेहतर प्रदर्शन किया
अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष लगभग 17 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
रिजल्ट में देरी और मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी चुनौतियों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम को पूरी तरह लागू करने से पहले बोर्ड को पर्याप्त तकनीकी तैयारी और प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी।
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