दुबई में 174 जान बचाने वाले पायलट को शुभेंदु का सलाम

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में संकट के दौरान 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सराहना की।

News Saga Desk

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना की है। उन्होंने इस घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद धैर्य और सूझबूझ दिखाने वाले पायलट को सलाम करते हुए कहा कि पूरे बंगाल को उन पर गर्व है। मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की जनता की ओर से कैप्टन मच्छार के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

यह घटना 30 सितंबर 2026 को दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के बाद विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ना पड़ा। इस घटना में भारतीय पायलट के साहस और यात्रियों की तत्परता की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई है।

कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को शुभेंदु अधिकारी ने किया सलाम

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को असाधारण बताते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहद कठिन परिस्थितियों में भी पायलट ने जिस तरह सूझबूझ का परिचय दिया, वह सराहनीय है। उनके अनुसार, अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना कर्तव्यनिष्ठा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हवा में मंडरा रहे गंभीर संकट के बीच कैप्टन मच्छार ने अदम्य साहस दिखाया। कॉकपिट में चाकू से हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने ऐसी परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। उनके प्रयासों से विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालने में मदद मिली।

कॉकपिट में हमले के बाद पैदा हुआ गंभीर संकट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर आने लगा और कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई गंवा बैठा।

दुबई

घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और अन्य लोगों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का अवसर मिला। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई।

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वसुधैव कुटुंबकम की भावना का बताया प्रतीक

शुभेंदु अधिकारी ने कैप्टन मच्छार के साहस को भारत की प्राचीन सभ्यतागत विचारधारा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ से जोड़ते हुए इसे पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया एक परिवार है, यह भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण संदेश है। संकट की घड़ी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना इसी मानवीय भावना को प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, कैप्टन मच्छार ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए न केवल विमान में सवार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयास किया, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता और साहस का भी परिचय दिया। उनके इस प्रयास की सराहना करते हुए अधिकारी ने इसे भारत के लिए गर्व का विषय बताया।

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