NEWS SAGA DESK
किशनगंज : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार तड़के बिहार के किशनगंज जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए युवक की पहचान मनोज रविदास के रूप में हुई है। यह कार्रवाई पोठिया प्रखंड के मिर्जापुर गांव में की गई, जहां कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
एनआईए, एटीएस, एनएसजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे भारी सुरक्षा बलों के साथ गांव पहुंची। केंद्रीय एजेंसियों के साथ स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। सुरक्षा बलों ने संदिग्ध के घर को चारों ओर से घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया और किसी भी बाहरी व्यक्ति को घटनास्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को इनपुट मिला था कि संदिग्ध का संबंध किसी विदेशी संगठन से हो सकता है। एजेंसी को एक संदिग्ध ऑडियो क्लिप भी मिली थी, जिसमें आपत्तिजनक बातचीत होने की आशंका जताई गई है। इसी आधार पर छापेमारी की कार्रवाई की गई। हालांकि, मामले को लेकर अब तक एनआईए की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
तलाशी के दौरान एजेंसियों ने घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। जांच टीम डिजिटल डाटा की भी गहन पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध किन लोगों के संपर्क में था, उसकी गतिविधियां कब से निगरानी में थीं और क्या उसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, सुबह अचानक भारी संख्या में सुरक्षा बलों के पहुंचने से गांव में दहशत का माहौल बन गया। लोगों की नींद सुरक्षा वाहनों की आवाजाही से खुली और कई घंटों तक पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों को घरों से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं दी गई।
कार्रवाई पूरी होने के बाद एनआईए की टीम मनोज रविदास को अपने साथ लेकर रवाना हो गई। संभावना जताई जा रही है कि उससे आगे की पूछताछ किशनगंज सर्किट हाउस या किसी सुरक्षित स्थान पर की जा सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संदिग्ध के खिलाफ किस मामले में जांच चल रही है और कथित विदेशी संगठन से उसके संबंध किस प्रकार के हैं। स्थानीय प्रशासन भी इस मामले पर फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहा है। हालांकि घटना के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए गंभीरता से जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में डिजिटल जांच, पूछताछ और जब्त दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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